क्या बीबीसी के ‘पाकिस्तानी’ स्टाफ ने बनवाई पीएम मोदी पर विवादित फिल्म, ब्रिटेन में उठे सवाल

लंदन: गुजरात दंगों को लेकर बनाई गई बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर ब्रिटेन से लेकर भारत तक बवाल मचा हुआ है। भारत ने बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है, वहीं देश में कई जगहों पर इसके प्रदर्शन को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी के सांसद रमिंदर सिंह रेंगर या लॉर्ड रमी रेंगर ने बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टिम डवी को पत्र लिखा है। इसमें लॉर्ड रमी ने टिम डवी से यह सवाल किया है कि क्या आपका पाकिस्तानी मूल का स्टाफ इस मूर्खता के लिए जिम्मेदार है।
भारतीय उपमहाद्वीप की राजनीति का असर ब्रिटेन तक
लार्ड रेंगर ने अपनी टिप्पणी के बारे में कहा, ‘मैंने बीबीसी के किसी भी पाकिस्तानी मूल के स्टाफ का उल्लेख किया है। दुर्भाग्य से भारतीय उपमहाद्वीप की राजनीति का असर ब्रिटेन पर भी पड़ता रहा है। जो सामाजिक संयोजन और विभिन्न नस्लों के लागों के बीच रिश्ते बनाने के लिहाज से न तो सुखद है और न ही मददगार।’ बता दें कि भारत ने पहले ही इस डॉक्यूमेंट्री को दुष्प्रचार करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस डॉक्यूमेंट्री को पक्षपातपूर्ण करार दिया है।
बागची ने कहा कि बीबीसी की फिल्म तथ्यों से इतर है और औपनिवेशिक सोच को बढ़ाने वाला है। कंजरवेटिव पार्टी के सांसद डोलर पोपट ने भी बीबीसी के डायरेक्टर जनरल को पत्र लिखकर कहा कि यह बहुत ही ज्यादा एकतरफा है। उन्होंने मांग की कि इस फिल्म को हटा लिया जाए। भारत के इस डॉक्यूमेंट्री पर बैन लगाए जाने का मामला अब कोर्ट में पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करेगी। इस बीच रूस ने भी पीएम मोदी की डॉक्यूमेंट्री पर खुलकर भारत के रुख का ही समर्थन किया है।




