खेल
ऑलराउंडरों का करियर खतरे में? वेंकटेश अय्यर ने इंपैक्ट प्लेयर पर दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली: कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के सलामी बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में ‘इंपैक्ट प्लेयर’ के नियम के कारण ऑलराउंडर को गेंदबाजी करने के कम मौके मिल रहे हैं। टखने की सर्जरी के बाद वापसी करने वाले वेंकटेश ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 83 और मुंबई इंडियंस के खिलाफ 104 रन की पारियां खेली थी। वह सभी मैचों में इंपैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतरे।
वेंकटेश ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ गुरुवार को होने वाले मैच से पहले कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो इंपैक्ट प्लेयर नियम के कारण किसी ऑलराउंडर के ओवरों की संख्या में भारी गिरावट आई है।’ वेंकटेश ऑलराउंडर हैं लेकिन उन्होंने अभी तक एक भी मैच में गेंदबाजी नहीं की है।
उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर यदि टीम के पास छठे गेंदबाज के रूप में विशेषज्ञ गेंदबाज है तो वह अपने ऑलराउंडर को नहीं आजमाना चाहते हैं। यह इंपैक्ट प्लेयर का प्रभाव है। इसने ऑलराउंडर की उपयोगिता कम कर दी है।’ वेंकटेश हालांकि समझते हैं कि नियम अपनी जगह पर रहेगा और टीम प्रबंधन इंपैक्ट प्लेयर को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बनाते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि हर टीम पहले बैटिंग और बॉलिंग के हिसाब से प्लेइंग-11 चुनती है और फिर बाद में टीम की जरूरत के हिसाब से इंपैक्ट प्लेयर नियम का इस्तेमाल करते हुए एक खिलाड़ी को बदल देती है। अगर जरूरत बैट्समैन की है तो बैट्समैन को चुनती है, अगर बॉलर की जरूरत है तो बॉलर को चुनती है। ऐसे में खेल का रोमांच तो बढ़ गया है, लेकिन ऑलराउंडरों के लिए एक अलग तरह की मुसीबत खड़ी हो गई है।




