43 रुपये के डिविडेंड से नारायण मूर्ति के परिवार ने कमाए करोड़ों, 18 महीने के पोते की कमाई होश उड़ा देगी

इन्फोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति के 18 महीने के पोते एकाग्रह रोहन मूर्ति ने अपनी हिस्सेदारी से 6.5 करोड़ रुपये का डिविडेंड कमाया। नारायण मूर्ति ने एकाग्रह को चार महीने की उम्र में 240 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के शेयर उपहार में दिए थे। 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस उपहार के बाद एकाग्रह के पास भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनियों में से एक, इन्फोसिस में 0.04% हिस्सेदारी है। कंपनी ने हाल ही में प्रति शेयर 43 रुपये का डिविडेंड घोषित किया, जिससे 54.2 करोड़ शेयरधारकों के बीच 2,330 करोड़ रुपये बांटे गए।
नंदन नीलेकणि को कितना डिविडेंड मिला
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने अपनी 4 करोड़ शेयरों से 175 करोड़ रुपये का डिविडेंड प्राप्त किया। नारायण मूर्ति को उनके 1.5 करोड़ शेयरों पर 65 करोड़ रुपये मिले।को-फाउंडर क्रिस गोपालकृष्णन ने 3.2 करोड़ शेयरों से 137 करोड़ रुपये कमाए, जबकि कंपनी की सबसे बड़ी व्यक्तिगत शेयरधारक सुधा गोपालकृष्णन को 9.5 करोड़ शेयरों से 410 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला।
रोहन मूर्ति ने कमाए इतने
नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति के बच्चों को भी भारी डिविडेंड मिला। रोहन मूर्ति ने अपनी 6 करोड़ शेयरों से 261.5 करोड़ रुपये और अक्षता मूर्ति, जो ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी हैं, ने 3.8 करोड़ शेयरों से 167 करोड़ रुपये कमाए। तीसरी पीढ़ी के शेयरधारकों में निकिता और मिलन शिबूलाल मंचंदा, प्रत्येक के पास 61 लाख शेयर हैं, जिन्होंने 26.3 करोड़ रुपये का डिविडेंड हासिल किया।
सबसे कम उम्र के करोड़पतियों में से एक
एकाग्रह, जो रोहन मूर्ति और अपर्णा कृष्णन के बेटे हैं, 2023 में पैदा हुए। उनके 15 लाख शेयरों से 6.5 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला। इस गिफ्ट ने उन्हें भारत के सबसे कम उम्र के करोड़पतियों में से एक बना दिया।




