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चीन या भारत… नेपाल के प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली विदेश यात्रा पर किस देश जाएंगे प्रचंड?

काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड पिछले साल दिसंबर में सत्ता संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत का दौरा कर सकते हैं। मीडिया में आईं खबरों के अनुसार दोनों देशों ने इस संभावना पर चर्चा की है। अधिकारियों ने कहा कि प्रचंड ने सोमवार को विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा से मुलाकात के दौरान भारत यात्रा के अपने इरादे के बारे में बताया। प्रचंड वैचारिक तौर पर चीन के करीबी माने जाते हैं, लेकिन देश की जरूरतों के लिए उन्हें भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना जरूरी है। प्रचंड ने सत्ता संभालने के बाद अपनी विदेश नीति में चीन को काफी अहमियत भी दी है।


प्रचंड के पहले विदेश दौरे की तारीख का ऐलान नहीं

सरकार द्वारा संचालित ‘गोरखापत्र’ अखबार के अनुसार, हालांकि उनकी यात्रा की आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है। उनकी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने तथा व्यापार, ऊर्जा, कृषि, संस्कृति और वायु सेवा जैसे मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा की जाएगी। प्रचंड ने पहले कहा था कि वह अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में भारत की यात्रा करेंगे। भारतीय दूतावास ने सोमवार को कहा था कि विदेश सचिव क्वात्रा ने प्रधानमंत्री प्रचंड से मुलाकात कर विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।

कुछ दिनों पहले भी नेपाल पहुंचे थे भारतीय विदेश सचिव

दूतावास की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि भारत और नेपाल करीबी साझेदार रहे हैं तथा सदियों पुराने सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। विज्ञप्ति में कहा गया कि विदेश सचिव की यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संबंधों को प्रदर्शित करती है। क्वात्रा ने नेपाल में अपने समकक्ष नेपाली विदेश सचिव से मुलाकात की और कई मुद्दों पर बातचीत भी की।

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