दुनिया

नेवल वॉरशिप डिस्ट्रायर फेल होने पर नॉर्थ कोरिया खफा, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

नॉर्थ कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष किम जोंग उन ने समुद्री सीमा को महफूज रखने के लिए एक डिस्ट्रॉयर बनवाया था, लेकिन लॉन्चिंग के दौरान ही उत्तर कोरिया का ये डिस्ट्रॉयर डूब गया. अब ये साजिश है या हादसा, इस घटना में दोषियों का क्या होगा? उत्तर कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष किम जोंग ने समुद्री सीमा को मजबूती देने के लिए जिस व्हेसिल का निर्माण किया था, वो नॉर्थ कोरिया को खतरा समझने वाले देशों के लिए किसी चेतावनी से कम नहीं था.

एक भव्य समारोह के बीच 21 अप्रैल, 2025 को इस डिस्ट्रॉयर शिप का किम जोंग ने उद्घाटन भी किया था. अपनी बेटी के साथ समारोह में पहुंचे किम जोंग के लिए ये निर्माण किसी उपलब्धि से कम नहीं था, लेकिन ये उपलब्धि महज कुछ ही दिन की थी. नॉर्थ कोरिया का ये युद्धपोत लॉन्चिंग के दौरान ही क्षतिग्रस्त हो गया. युद्धपोत को रैंप से नीचे उतारते समय फ्लैटकैप समय पर नहीं चला, जिससे नॉर्थ कोरिया के इस वॉरशिप का संतुलन बिगड़ गया. स्थिति ये हुई युद्धपोत एक तरफ झुक गया, जिससे उसका निचला हिस्सा टूट गया और फिर देखते ही देखते नॉर्थ कोरिया का डिस्ट्रॉयर पानी में डूब गया.

युद्धपोत 5000 टन वजनी डिस्ट्रॉयर था

हालांकि, ये हादसा किसी साजिश का हिस्सा है, या तकनीकी खामी के कारण हुआ? इस पर जांच अभी जारी है. लेकिन, अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को समुद्र में डूबता देख किम जोंग ने दोषियों को दंड देने का मन बना लिया है. किम जोंग ने इस घटना को गंभीर हादसा और आपराधिक लापरवाही बताया है, जिसके लिए शिपयार्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों को दोषी माना है और इन दोषियों को सजा देने के लिए वर्कर्स पार्टी की बैठक में किम फैसला लेंगे.

मुमकिन है कि इस गुनाह की सजा किम बेहद क्रूर ही देंगे क्योंकि, ये घटना नॉर्थ कोरिया के लिए न सिर्फ एक झटका है, बल्कि एक ऐसे युद्धपोत का हाथ से जाना है, जिसमें तकनीक रूस की इस्तेमाल हुई थी. दरअसल, उत्तर कोरिया का युद्धपोत 5000 टन वजनी डिस्ट्रॉयर था और ये जहाज अत्याधुनिक चो ह्योन क्लास का डिस्ट्रॉयर था, जिसके निर्माण का उद्देश्य प्रायद्वीप पर बरकरार तनाव को कम करना था. उत्तर कोरिया को समुद्री सुरक्षा प्रदान करना था, लेकिन किम का सपना बिखर गया और अब दोबारा निर्माण की स्थिति में उत्तर कोरिया है भी नहीं.

नए सिरे से करनी होगी मेहनत

ऐसा इसलिए क्योंकि अत्याधुनिक डिस्ट्रॉयर रूस की मदद से तैयार हुआ था, जिसे रूस ने तकनीकी रूप से न्यूक्लियर हथियार स्टोर करने लायक बनाया था. यही नहीं इसमें रूसी मिसाइल लॉन्चर और गन भी स्टोर की गई थी, जिन्हें एक हादसे की वजह से उत्तर कोरिया ने खो दिया है और अब इसे दोबारा रिस्टोर करने में नए सिरे से मेहनत करनी होगी इसलिए किम जोंग का गुस्सा चेओन्गजिन शिपयार्ड के अफसर और कर्मचारियों पर भड़क गया है. अब किम ने इसे साजिश मानते हुए उन्हें सजा देने का मन बना लिया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button